जालौर- जालौर ज़िले की रामसीन थाना पुलिस ने मोबाइल टॉवरों से कीमती आरआरयू मशीनें चुराने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से टेलीकॉम टावरों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा और वृताधिकारी अन्नराज सिंह के पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी तेजूसिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने कार्रवाई करते हुए राकेश पंवार, चिमनाराम, महिपाल और सुरेश को दबोच लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी पहले टावर कंपनियों में बतौर टेक्निकल स्टाफ काम कर चुके थे। अपने तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल कर ये रात के अंधेरे में करीब 50 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़ते और महज 10 मिनट में लाखों की मशीन चुरा लेते थे। एक आरआरयू मशीन की बाजार में कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है, जिसे आरोपी सस्ते दामों में स्क्रैप डीलरों को बेच देते थे।
अब तक यह गिरोह करीब 90 से 100 वारदातों को अंजाम दे चुका है। इनकी करतूतों का दायरा जालौर, सिरोही, पाली, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, उदयपुर और अजमेर तक फैला हुआ है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इनके कब्जे से चोरी की गई मशीनें बरामद करने के प्रयास जारी हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ में और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है। यह पहली बार है जब राजस्थान में मोबाइल टॉवर से मशीन चोरी करने वाले किसी संगठित गिरोह का इतना बड़ा खुलासा हुआ है।







