फरीदाबाद। घरेलू सहायिका से दुष्कर्म करने के आरोपित को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। महिला थाना सेंट्रल में दी शिकायत में एक युवती ने बताया कि वह दिल्ली में एक प्लेसमेंट ऑफिस के माध्यम से फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित एक सोसाइटी में घरेलू सहायिका के रूप में आई थी।
यहां मनोज नामक व्यक्ति ने 29 सितंबर 2022 को उसे अपने कमरे में बुलाया और दुष्कर्म किया। उसने पुलिस को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। अब अदालत ने मनोज को सजा सुनाई है। सरकारी वकील के रूप में इस मामले की पैरवी जगमिंदर ने की थी।







