सीसीटीवी और तकनीकी जांच के आधार पर खुली वारदात की परतें, शव नागौर से बरामद
अजमेर। अजमेर शहर की सिविल लाइन्स पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला एक युवक के अपहरण और उसकी नृशंस हत्या से जुड़ा है, जिसकी जानकारी 14 जून को एक गुमशुदगी रिपोर्ट के साथ सामने आई थी।
पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि नागौर जिले के रातंगा गांव निवासी रामदेव ने थाने में शिकायत दी थी कि उनका 28 वर्षीय बेटा सहदेव 12 जून को परीक्षा देने अजमेर आया था, और अगले दिन 13 जून को वापस लौटते वक्त अचानक लापता हो गया।
रामदेव ने आशंका जताई थी कि उसका बेटा आखिरी बार उसके रिश्तेदारों के साथ देखा गया था, और उसमें उसके काका ससुर, ससुर और अन्य परिजनों की संलिप्तता हो सकती है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की।
तकनीकी जांच से टूटा मामला
पुलिस टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और सीओ रुद्रप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया। टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। जांच के दौरान एक सफेद बोलेरो कैम्पर पर पुलिस की नजर टिकी, जो अजमेर से नागौर की दिशा में जाते हुए कैमरों में दर्ज हुई थी।
इस गाड़ी के आधार पर टीम जायल थाना क्षेत्र पहुंची, जहां पूछताछ और खोजबीन के बाद युवक का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया।
गिरफ्त में आए दो नामजद आरोपी
जांच के आधार पर पुलिस ने नागौर जिले के जायल थाना क्षेत्र के दो आरोपियों – कुन्नाराम रलिया और ओप्रकाश पुत्र मोतीराम – को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन दोनों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकारी, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक भी इनसे करवाई और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इस हत्याकांड में बाकी नामजद लोग भी सलाखों के पीछे होंगे।







