उत्तर प्रदेश, गजरौला कस्बे में गुरुवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब सिंचाई विभाग से जुड़े ठेकेदार दीपक जाटव और उनके ड्राइवर इंद्रपाल सैनी मृत अवस्था में उनके ही ऑफिस में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
अवंतिका नगर मोहल्ले में स्थित ऑफिस में दोनों के शव संदिग्ध हालात में मिले। 42 वर्षीय दीपक जाटव शुक्लपुरी मोहल्ले के निवासी थे, जबकि 40 वर्षीय इंद्रपाल सैनी चौबारा गांव के रहने वाले थे। दीपक के भांजे विवेक ने बताया कि बुधवार रात से उनका अपने मामा से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब न मिलने पर गुरुवार सुबह वह उनके ऑफिस पहुंचे।
ऑफिस का दृश्य बेहद चौंकाने वाला था—दीपक का शरीर आंशिक रूप से बाथरूम के पास था, जबकि इंद्रपाल पास ही जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा था। दोनों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे ज़हरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई जा रही है।
ऑफिस परिसर में एक सेंट्रो कार स्टार्ट हालत में खड़ी मिली और पास में स्कॉर्पियो भी खड़ी थी। विवेक ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वहां भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी भिजवाया।
दीपक क्षेत्र में एक सक्रिय ठेकेदार थे और संभल व बहजोई सहित कई जगहों पर सिंचाई विभाग के कार्यों में लगे हुए थे। इंद्रपाल लंबे समय से उनके निजी चालक के तौर पर काम कर रहे थे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, और पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
घटना के बाद मृतक की बहन हेमलता का एक स्थानीय युवक से विवाद भी हुआ, जिस पर उन्होंने संदेह जताया है कि वह अक्सर दीपक का फोन उठाता था, लेकिन हादसे वाली रात उसने फोन क्यों नहीं उठाया, यह सवालों के घेरे में है। पुलिस ने उक्त युवक को पूछताछ के लिए उठाया है। दोनों की मौत की असल वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि परिवार शोक में डूबा है और स्पष्ट जवाब चाहता है।







